दीपावली प्रकाश पर्व मंगलमय हो-

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :

Sunday, September 4, 2016

शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस - इतना तो हम सभी जानते हैं कि भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन (5 सितंबर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। किन्तु क्यों ? संभवतः सब नहीं जानते हों। 
सर्वपल्ली डॉ राधा कृष्णन जी
 Image result for शिक्षक दिवस का महत्व
वैसे तो विश्व के कई देशों में गुरु के सम्मान में टीचर्स डे अर्थात शिक्षक दिवस मनाया जाता है किन्तु भारत में यह परम्परा युगों युगों से चली आ रही है। सत युग हो द्वापर या त्रेता गुरु शिष्य परम्परा के अनुपम उदाहरण मिलते हैं। जिसमें गुरु को साक्षात् परमेश्वर का स्थान दिया गया है। 

'गुरु ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः। 
गुरुः साक्षात परब्रह्म तस्मैः श्री गुरुवेः नमः।।' 
अर्थात गुरू ही ब्रहमा है, गुरू ही विष्णु है और गुरु की महेश है। साक्षात परब्रह्म स्वरूप ऐसे गुरू को नमस्कार। 
5 सित 1888 को तमिलनाडु में जन्मे, स्वतन्त्र भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति 1952 से 1962 रहे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ राजेन्द्र प्रसाद के पश्चात् भारत के द्वितीय राष्ट्रपति बने। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक होने के साथ ही एक प्रख्यात शिकसजविद भी थे। इन्हीं गुणों के कारण सन् १९५४ में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था। उन्हीं के जन्मदिन (5 सितंबर) को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। 
राजनीती में आने से पूर्व उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 40 वर्ष शिक्षक के रूप में व्यतीत किये थे। उनमें एक आदर्श शिक्षक के सारे गुण उपस्थित थे। उन्होंने अपना जन्म दिन अपने व्यक्तिगत नाम से नहीं अपितु सम्पूर्ण शिक्षक समुदाय को सम्मानित किये जाने के उद्देश्य से शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा व्यक्त की थी जिसके परिणामस्वरूप आज भी सारे देश में उनका जन्म दिन (5 सितम्बर) को प्रति वर्ष शिक्षक दिवस के नाम से ही मनाया जाता है। 
भारत तथा भारतीयता के शत्रु , जो हमारे इतिहास को मिटाने नकारने के लिए कुतर्कों का सहारा लेते रहते हैं, अवश्य ही मेरी बात को झुठलाने हेतु यह कुतर्क दे सकते है कि शिक्षक का महत्त्व आप युगों युगों से मानते रहे हैं क्या प्रमाण है?  सर्वपल्ली डॉ राधा कृष्णन जी 19 वीं शताब्दी के हैं तो उनका जन्मदिन (५ सितंबर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर कैसे कह सकते हैं कि गुरु युगों युगों से आपके पूजनीय रहे हैं। आपने तो शिक्षक को सम्मान देना 19 वीं शताब्दी में शुरू किया है।
इसे स्पष्ट करने हेतु विवेचन करें भारतीय इतिहास और साहित्य का, जो ऐसे प्रमाणों से भरा पड़ा है। मेरी बात की सत्यता को प्रमाणित करने तथा उनके कुतर्कों का सामना करने हेतु उनमें से कुछ ही जिज्ञासा शाँत करने में सक्षम हैं। आइये उनमें से कुछ का अवलोकन करते हैं। --
618 वर्ष पूर्व जन्मे संत कबीर दास के दोहे में 'गुरु शिष्य'
इस विषय के 50 में से यहाँ मात्र 10 दोहे ही लिए गए है।

(41)
गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, का के लागूं पाय।
बलिहारी गुरु आपणे, गोबिंद दियो मिलाय॥
(42)
गुरु कीजिए जानि के, पानी पीजै छानि ।
बिना विचारे गुरु करे, परे चौरासी खानि॥
(43)
सतगुरू की महिमा अनंत, अनंत किया उपकार।
लोचन अनंत उघाडिया, अनंत दिखावणहार॥
(44)
गुरु किया है देह का, सतगुरु चीन्हा नाहिं ।
भवसागर के जाल में, फिर फिर गोता खाहि॥
(45) 
शब्द गुरु का शब्द है, काया का गुरु काय।
भक्ति करै नित शब्द की, सत्गुरु यौं समुझाय॥
(46)
बलिहारी गुर आपणैं, द्यौंहाडी कै बार।
जिनि मानिष तैं देवता, करत न लागी बार।।
(47)
कबीरा ते नर अन्ध है, गुरु को कहते और। 
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रुठै नहीं ठौर ॥
(48) 
जो गुरु ते भ्रम न मिटे, भ्रान्ति न जिसका जाय।
सो गुरु झूठा जानिये, त्यागत देर न लाय॥
(49)
यह तन विषय की बेलरी, गुरु अमृत की खान।
सीस दिये जो गुरु मिलै, तो भी सस्ता जान॥
(50) 
गुरु लोभ शिष लालची, दोनों खेले दाँव।
दोनों बूड़े बापुरे, चढ़ि पाथर की नाँव॥ 
संत कबीर दास जी के लेखन का स्तर एक तो 700 वर्ष पूर्व के भारत की शिक्षा और बौद्धिक स्तर को दर्शाता है दूसरे उन्होंने गुरु महिमा का वर्णन जिस प्रकार किया है उससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें एक श्रेष्ठ गुरु का सानिध्य मिला, जिससे गुरु के प्रति उनके मन में आसक्ति थी तथा सबसे प्रमुख 700 वर्ष पूर्व के भारत में गुरु शिष्य परम्परा के अन्तर्गत एक सामान्य जुलाहे के मन में भी गुरु के प्रति कितना आदर सम्मान का भाव है। जब हमारे भारत में शिक्षक दिवस को औपचारिक रूप में नहीं मनाया जाता था। 
अर्थात भारत में शिक्षक दिवस भले ही औपचारिक रूप में अब मनाया जाता है। इसका अर्थ यह नहीं कि शिक्षक का सम्मान नहीं था अपितु यह प्रमाण है कि आदर सम्मान अनुभूति है जो किसी भी औपचारिकता पर आश्रित नहीं है। यह मेरी बात की सत्यता को और भी बलपूर्वक स्पष्ट व प्रमाणित करता है। 
http://shikshaadarpan.blogspot.in/2016/09/blog-post.html 

Wednesday, July 6, 2016

मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार, जावडेकर को मिली पदोन्नति (5.7.2017)

मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार, जावडेकर को मिली पदोन्नति (5.7.2017) 

मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार, जावडेकर को मिली पदोन्नतिप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए उसमें 10 राज्यों से 19 नये चेहरों को स्थान दिया। मोदी कबीना में पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे प्रकाश जावडेकर को पदोन्नत कर कबीना मंत्री बनाया गया है। राज्य मंत्री के रूप में शामिल किये गये लोगों में, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, दार्जिलिंग से लोकसभा सदस्य एसएस आहलुवालिया, मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद अनिल माधव दवे, कर्नाटक से पांचवीं बार लोकसभा सदस्य रमेश चंदप्पा, अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल, भाजपा प्रवक्ता और वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर, शामिल हैं। 

इनके अतिरिक्त अर्जुन मेघवाल, विजय गोयल, महाराष्ट्र दलित नेता रिपा सांसद रामदास अठावले, सुविख्यात कैंसर शल्य विशेषज्ञ सुभाष राम राव भामरे, असम के नौगांव से भाजपा सांसद राजन गोहेन, गुजरात से जसवंत सिंह भाम्भोर, व मनसुख मांडविया, उप्र से महेंद्र नाथ पण्डे, व कृष्णा राज, उत्तराखंड से अजय टम्टा, राजस्थान नागौर से च रा चौधरी, व पीपी चौधरी  ने भी पद व गोपनीयता की शपथ ली है। संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत मं परि की सदस्य संख्या अधिकतम 82 संभव है। 

अमित शाह शीघ्र ही संगठनात्मक पदाधिकारियों की घोषणा कर सकते हैं। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, हटाए जाने वाले 6 मंत्रियों में से 5 की प्रगति से असंतुष्ट तथा 1 को संगठन का दायित्व दिया जाने के समाचार हैं। शिवसेना द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार समारोह का बहिष्कार का निर्णय बदल कर एक शुभ संकेत दिया गया। शिवसेना को भी एक मंत्री पद दिये जाने की बात थी किन्तु संभवतः दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बन पाई। 

एक दो मंत्रियों के विभाग परिवर्तन के साथ नए म्नत्रियों के विभागों की घोषणा की जानी है। कहा जा रहा है, दो वर्ष से विकास ने जो दिशा पकड़ी है उसे और अधिक गति देने के साथ प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रख गया है। शुभकामनाओं सहित -तिलक 
नवीनतम ऑनलाइन जानकारी हेतु जुड़ें 
केंद्रीय मंत्रीमंडल में मंत्रियों और उन्हें आवंटित विभागों की सूची निम्नलिखित है- 
नरेन्द्र मोदी: प्रधानमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष
राजनाथ सिंहः गृह
सुषमा स्वराजः विदेश मंत्रालय
अरुण जेटलीः वित्त कारपोरेट मामले
एम. वैंकैय्या नायडूः शहरी विकास आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन, सूचना और प्रसारण
नितिन जयराम गडकरीः सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी
मनोहर पर्रिकर- रक्षा
सुरेश प्रभु- रेल
डी.वी. सदानंद गौड़ाः सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन
उमा भारतीः जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण
डॉ. नजमा ए. हेपतुल्लाः अल्पसंख्यक मामले
राम विलास पासवानः उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण
कलराज मिश्रः सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
मेनका संजय गांधीः महिला एवं बाल विकास
अनंत कुमारः रसायन एवं उर्वरक, संसदीय कार्य
रविशंकर प्रसादः संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, विधि एवं न्याय
जगत प्रकाश नड्डाः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
अशोक गजपति राजूः नागरिक उड्डयन
अनंत गीतेः भारी उद्योग एवं लोक उद्यम
हरसिमरत कौर बादलः खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
नरेन्द्र सिंह तोमरः ग्रामीण विकास, पंचायती राज, स्वच्छता एवं पेयजल
चौधरी बिरेंदर सिंहः इस्पात
जुएल उरांवः जनजातीय मामले
राधा मोहन सिंहः कृषि
थावरचन्द गेहलोतः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
स्मृति जुबिन ईरानीः कपड़ा
डॉ. हर्ष वर्धनः विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान
प्रकाश जावडेकरः मानव संसाधन विकास 
राज्य मंत्री 
राव इन्द्रजीत सिंहः योजना (स्वतंत्र प्रभार), शहरी विकास, गरीबी उन्मूलन
बंडारू दत्तात्रेयः श्रम और रोजगार (स्वतंत्र प्रभार)
राजीव प्रताप रूडी कौशल विकास और उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार)
विजय गोयलः युवा एवं खेल (स्वतंत्र प्रभार)
श्रीपद यसो नायकः आयुष (स्वतंत्र प्रभार)
धर्मेन्द्र प्रधानः पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
पीयूष गोयलः विद्युत (स्वतंत्र प्रभार), कोयला (स्वतंत्र प्रभार), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार)
डॉ. जितेन्द्र सिंहः पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री
निर्मला सीतारमणः वाणिज्य एवं उद्योग (स्वतंत्र प्रभार)
डॉ. महेश शर्माः संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार)
मनोज सिन्हाः संचार (स्वतंत्र प्रभार), रेल राज्य मंत्री
अनिल माधव दवेः पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार)
वीके सिंहः विदेश राज्य मंत्री 

राज्यमंत्री
संतोष कुमार गंगवारः वित्त
फग्गन सिंह कुलस्तेः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
मुख्तार अब्बास नकवीः अल्पसंख्यक मामले, संसदीय कार्य
एसएस अहलूवालियाः कृषि एवं किसान कल्याण, संसदीय कार्य
रामदास अठावलेः सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण
राम कृपाल यादवः ग्रामीण विकास
हरिभाई पर्थिभाई चौधरीः सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
गिरिराज सिंहः सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
हंसराज गंगाराम अहीरः गृह
जीएम सिद्धेश्वरः भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम
रमेश चंदप्पा जिगाजीनगीः पेयजल एवं स्वच्छता
राजन गोहेनः रेल
पुरूषोत्तम रूपालाः कृषि एवं किसान कल्याण, पंचायती राज
एमजे अकबरः विदेश
उपेंद्र कुशवाहाः मानव संसाधन विकास
राधाकृष्णन पीः सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, पोत
किरेन रिजिजूः गृह
कृष्णपालः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
जसवंतसिंह सुमनभाई भाभोरः आदिवासी मामले
डॉक्टर संजीव कुमार बाल्यानः जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा सफाई
विष्णु देव साईः इस्पात
सुदर्शन भगतः कृषि एवं किसान कल्याण
वाईएस चौधरीः विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
जयंत सिन्हाः नागरिक उड्डयन
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ः सूचना एवं प्रसारण
बाबुल सुप्रियोः शहरी विकास, आवासीय एवं शहरी गरीबी उन्मूलन
साध्वी निरंजन ज्योतिः खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
विजय सापलाः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
अर्जुन राम मेघवालः वित्त, कारपोरेट मामले
डॉक्टर महेंद्र नाथ पाण्डेयः मानव संसाधन विकास
अजय टमटाः कपड़ा
कृष्ण राजः महिला एवं बाल विकास
मनसुख एल मानडावियाः सड़क परिवहन, राजमार्ग, पोत, रसायन एवं उर्वरक
अनुप्रिया पटेलः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
सीआर चौधरीः उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं जन वितरण
पीपी चौधरीः विधि एवं न्याय, इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी
डॉक्टर सुभाष रामराव भामरेः रक्षा
रामदास अठावलेः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता 
वीडिओ १) 
https://www.youtube.com/watch?v=zvYZxljLmxE&list=PL07E4C2D4718D3CC6&index=89
२) https://www.youtube.com/watch?v=zvYZxljLmxE&list=PL691A4A699E3CFAC5&index=71 
३)https://www.youtube.com/watch?v=zvYZxljLmxE&list=PLaypC1Q7dot1H10Bpau0He3_N5ceZpG-S&index=8
नकारात्मक भांड मीडिया जो असामाजिक तत्वों का महिमामंडन करे, उसका सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प, प्रेरक राष्ट्र नायको का यशगान -युगदर्पण मीडिया समूह YDMS - तिलक संपादक
http://sarvasamaachaardarpan.blogspot.in/2016/07/blog-post.html 

Thursday, March 10, 2016

आज का सत्य

आज का सत्य 
वन्देमातरम, देश की जनता को सार्थक समाचार देने के कारण युगदर्पण YDMS की एक विशिष्ठ पहचान तो बनी, किन्तु मेरे व पाठकों सीमित समय के कारण, समर्थन भी सीमित रहा। जबकि वह पोस्ट जो मात्र, इसे या उसे समर्थन का आपका विचार जानने हेतु मोदी, हिंदुत्व, अथवा कुछ नकारात्मक लोगों, घटनाओं के सहारे प्रश्न रखते हैं। सैंकड़ों को आकर्षित कर लेते हैं। सार्थक समाचार देने से उत्तम है, किसी विख्यात या कुख्यात के प्रश्न पर हा या ना लगा कर अधिक लोगों तक पहुंच जाना ? कुख्यात भी विख्यात से अधिक लोगों तक पहुंच जाता है। 
जय भारत, जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया (आज तक, ABP न्यूज़, NDTV, न्यूज़24, TOI, The Hindu, HT, आदि,) जनता को भ्रमित करे,
तब पायें - नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प- (15 वर्ष से सतत संघर्ष का प्रतीक YDMS) युगदर्पण मीडिया समूह YDMS.  
हिंदी साप्ताहिक राष्ट्रीय समाचार पत्र, 2001 से पंजी सं RNI DelHin11786/2001(सोशल मीडिया में विविध विषयों के 30 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र, फेस बुक में 11 समूह तथा 11 पेज हैं) की 60 से अधिक देशों में एक वैश्विक पहचान है। 
कुछ भी टिप्पणी, अथवा मेरे कथन से सहमत हाँ या  लिखें। 

Tuesday, March 8, 2016

कहीं आज तक चैनल, कल तक डूब न जाये।

कहीं आज तक चैनल, कल तक डूब न जाये। 
जिस प्रकार ज.ला.ने.वि.वि की घटनाओं में आज तक चैनल की भूमिका चल रही है, सभी जनता नेता व अन्यों को यह स्मरण करा देना मेरा दायित्व है कि इस चैनल का इतिहास जो भूल गए हों उन्हें स्मरण करा दूँ। मई 2014 के मुख्य चुनाव से पूर्व इसी प्रकार दिल्ली चुनाव में इसने कंजरीवाल को नायक बना कर प्रस्तुत किया था, एक अज्ञात व्यक्ति जिसका इतिहास लोग जानते नहीं, ठग उसे नायक बना के सरलता से ठग सकता है। इसी का लाभ उठाया गया। ठगी की उस हांड़ी को फिर चढ़ाया जा रहा है, जलानेविवि के अध्यक्ष को नायक बना कर।
जीवन कोई ठिठौली नहीं में, मेरी पोस्ट 2 सित 2014 तथा पोस्ट 15 सित 2014 यहाँ संदर्भित हैं -
आपकी सहमति के, शेयर के सभी आँकलन तोड़ -ये पहुंचें 125 करोड़ 
-युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक 7838468776, 
http://www.thitholeedarpan.blogspot.in/2014/09/blog-post.html

TUESDAY, SEPTEMBER 2, 2014


सुधरेंगे नहीं, हम?

सुधरेंगे नहीं, ?औकात भूल गए क्या? मार्च में इन्ही हरकतों ने डुबोया था, तुम्हें और तुम्हारे आकाओं को मई में 


#आजतक चैनल के #थर्ड डिग्री #कार्यक्रम में मार्च में बाबा राम देव ने कहा
 कभी राहुल गांधी को भी बुलाकर इस कार्यक्रम में घेरिये। तो इस पर पुण्य प्रसून का उत्तर """
आप भी कभी मोदी जी से, इस कार्यक्रम में आने के लिए कहिये।""राहुल गांधी के नाम पर मिर्ची लग जाती है इनको। इन हरामखोरो को याद नहीं रहा लगता हैमोदी इनके चेनल पर सीधी बात मे चुके है और ये क्या चाहते है?मोदी इस दलाल चेनल पर बार 2 आये, तो इसके इनकी घटती टीआरपी फिर बढ़े ये अपने सगे वाले कोंग्रेसियो के दलाल चेनल, अपने आकाओं को बुलाकर टेड़ा प्रश्न पूछ, आकाओं को नंगा करने का साहस नहीं होता। तभी तो बुला कर हल्का प्रश्न पूछतेहै। आज तक न्यूज़ चैनल सबसे बड़ा कोंग्रेसी, औरआप पार्टी का दलाल। इनका काम हिन्दू धर्म हिन्दू संगठनो पर ऊँगली उठाना और साथ में दिन रात मोदी, भाजपा के बारे में झूठे समाचार दिखा कर लोगो को भ्रमित करना। 
नकारात्मक मीडिया का सकारात्मक विकल्प युगदर्पण| -YDMS मार्च 2014 
और अब भी -जिस परिवार की सरकार ने 6 दशक 21900 दिन सत्ता में रह कर, केवल देश को लूटा, वादे पूरे हैं किये, मात्र 100 दिन में बिलखने लगे ? साथ में उनके टुकड़खोर, जिन्हे पहले मलाई की खुरचन मिल जाती थी, हाय अब क्या करेंगे ? रोना बिलखना इस बात का है। 
उत्तिष्ठत अर्जुन, उत्तिष्ठत जाग्रत !! 
जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया जनता को भ्रमित करे, 
तब पायें - नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प- युगदर्पण मीडिया समूह YDMS. 
हिंदी साप्ताहिक राष्ट्रीय समाचार पत्र, 2001 से पंजी सं RNI DelHin11786/2001(सोशल मीडिया में विविध विषयों के 30 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की 60 से अधिक देशों में एक वैश्विक पहचान है। 
आपकी सहमति के, शेयर के सभी आँकलन तोड़ -ये पहुंचें 125 करोड़ 
जो शर्मनिरपेक्ष, अपने दोहरे चरित्र व कृत्य से- देश धर्म संस्कृति के शत्रु; 
राष्ट्रद्रोह व अपराध का संवर्धन, पोषण करते। उनसे ये देश बचाना होगा। तिलक
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |

http://www.thitholeedarpan.blogspot.in/2014/09/blog-post_15.html MONDAY, SEPTEMBER 15, 2014


कहीं सादगी, कहीं लूट का जश्न ! 

कहीं सादगी, कहीं लूट का जश्न !
अपने लिए जिए तो क्या जिए, तू जी ए दिल ज़माने के लिए।
देश का है दर्द तो मोदी सा जिए, ऐसे में जश्न, जनता का खून पिये।
काश, 2004 में सीआईए एजेंट सोनिया के पाखंड को
बिकाऊ मीडिया ने त्याग कह मदर टेरेसा बना
देश को भर्माया न होता, इस प्रकार 10 वर्ष लुटवाया न होता।
Alas, in 2004 the CIA agent Sonia's Hypocrisy,
Available media avoided to say the sacrifice to equate ​​Mother Teresa, thus to misguide, the Nation would not been Looted for 10 years.
হায়রে, 2004 সিআইএ এজেন্ট সোনিয়া এর ভণ্ডামি,
আত্মাহুতি ভুল পথে চালিত এইভাবে, মাদার তেরেসা সমার্থক বলে এড়িয়ে যাওয়া যায় মিডিয়া, জাতির 10 বছর লুট করা হবে না. અરે, 2004 સીઆઇએ એજન્ટ સોનિયા માતાનો દંભને માં,
બલિદાન છેતરે છે આમ, મધર ટેરેસા સમીકરણ કહેવું ટાળી ઉપલબ્ધ મીડિયા, રાષ્ટ્રનું 10 વર્ષ માટે Looted કરવામાં નથી. ಅಯ್ಯೋ, 2004 CIA ಏಜೆಂಟ್ ಸೋನಿಯಾ ಬೂಟಾಟಿಕೆಯಂತೆ,
ತ್ಯಾಗ ತಪ್ಪು ದಾರಿಗೆ ಸೆಳೆ ಹೀಗೆ, ಮದರ್ ತೆರೇಸಾ ಪೂರಕವಾಗಿಲ್ಲ ಹೇಳಲು ತಪ್ಪಿಸಬೇಕು ಮೀಡಿಯಾ, ನೇಷನ್ 10 ವರ್ಷಗಳಿಂದ ಲೂಟಿ ಎಂದು. अरेरे, 2004 CIA एजंट सोनिया च्या ढोंगीपणा मध्ये,
त्याग दिशाभूल करणे अशा प्रकारे, मदर टेरेसा सारखा म्हणू टाळले उपलब्ध मीडिया, राष्ट्राची 10 वर्षे ऐवज केले नसते. అయ్యో, 2004 CIA ఏజెంట్ సోనియా హిపోక్రసీ లో,
త్యాగం misguide విధంగా, మదర్ తెరెసా పోల్చుతారు చెప్పటానికి తప్పించింది అందుబాటులో మీడియా, నేషన్ 10 సంవత్సరాలు లూటెడ్ చేశారు కాదు. ਹਾਏ, 2004 ਸੀਆਈਏ ਏਜੰਟ ਸੋਨੀਆ ਦੇ ਦੰਭ ਵਿੱਚ,
ਬਲੀਦਾਨ ਨੂੰ ਕੁਰਾਹੇ ਨੂੰ ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ, ਮਦਰ ਟੇਰੇਸਾ ਨੂੰ ਜ਼ਿੱਲਤ ਨੂੰ ਕਹਿਣ ਲਈ ਬਚਣਾ ਉਪਲੱਬਧ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ, ਕੌਮ ਨੂੰ 10 ਸਾਲ ਲਈ ਲੁੱਟਿਆ ਗਿਆ, ਨਾ ਹੋਵੇਗੀ. ஐயோ, 2004 சிஐஏ ஏஜென்ட் சோனியா பாசாங்கு உள்ள,
தியாகம் வழிகெடுப்பதற்காக இதனால், அன்னை தெரேசா சமன் சொல்ல தவிர்க்கப்பட கிடைக்கும் ஊடகம், தேசம் 10 ஆண்டுகள் சூறையாடினார்.
नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प
-युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक 7531949051, 9911111611 
बनते हैं 125 करोड़ शेयर -Share and Share, to reach 125 Crore
http://jeevanmelaadarpan.blogspot.com/2014/09/blog-post_15.html
http://thitholeedarpan.blogspot.com/2014/09/blog-post_15.html
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |

Monday, January 18, 2016

यह राष्ट्रद्रोह नहीं तो क्या है ?

यह राष्ट्रद्रोह नहीं तो क्या है ? 
प.बंगाल में गणतंत्र दिवस परेड की तैयारी में वायु सेना अधिकारी को, जिस 90 लाख की ऑडी कार ने कुचल कर हत्या कर दी थी; वह किसकी थी? वह हत्यारा राजद के पूर्व विधायक मो सोहराब का बेटा अम्बिया सोहराब था? राष्ट्रद्रोही  समर्थक बंगाल की सरकार तथा हर बात पर भोम्पू बजाने वाला बिकाऊ मीडिया क्या इसीलिए शांत है ? कुत्ता अपने मालिक के आगे भोंकता नहीं पूछ हिलाता है यही उसके मालिक की पहचान है। 
             हाँ     या         न 
इस बार लक्ष्य (वायु) सेना है। और चुप्पी राष्ट्र द्रोह। राष्ट्रद्रोही चुप रहे तो राष्ट्रभक्त बोलेंगे। -तिलक
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नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का
सार्थक संकल्प -युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक

Wednesday, January 13, 2016

शर्मनिरपेक्षों को शर्म कब आएगी?

शर्मनिरपेक्षों को शर्म कब आएगी? 
वन्देमातरम, 
2002 से मोदी विरोधी हुए ओबामा सहित विश्व नेता, मोदी का दूसरा स्वरूप देख व समझ पा रहे हैं। विश्व में मोदी तथा भारत के प्रति सोच बदल रही है, सम्मान बड़ रहा है। किन्तु यहाँ; देश का शर्मनिरपेक्ष विपक्ष और बिकाऊ शर्मनिरपेक्ष मीडिया का दुष्प्रचार, भ्रम के आवरण से, जनता की आँखों तक सत्य पहुँचने नहीं दे रहा। 
ऐसे में जन जन तक सत्य पहुँचाने में आपके समर्थन का साथ, बिकाऊ नकारात्मक  मीडिया के सकारात्मक सार्थक राष्ट्रवादी विकल्प 'युदमीस' YDMS को सशक्त बनाएगा। जो 2001 से युगदर्पण का पौध 2010 -15 के बीच सोशल मीडिया से जुड़ 30 विविध विषयों के ब्लॉग, फेबु पर 10 समूह 10 पेज, रेडिफ, ट्विटर तथा 5 उपभोक्ता चैनल सहित 'युदमीस' YDMS बन चुका है, उसे राष्ट्रवादी विकल्प के रूप में सार्थकता प्रदान कर, आप अपना दायित्व निभाएंगे। जो भटके है, राह पर आएंगे। सच्चे देश प्रेमियों से ऐसी आशा ही नहीं, विश्वास भी है। -तिलक 
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'युदमीस' समूह के सभी सूत्र यहाँ हैं- 
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ओबामा ने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान सहित विश्व के कई भागों में दशकों तक अस्थिरता बनी रहेगी और अल कायदा एवं आईएसआईएस से अमेरिका को सीधा संकट है। 
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Wednesday, December 16, 2015

केजरीवाल के आरोप सीबीआई, जेटली द्वारा खारिज

केजरीवाल के आरोप सीबीआई, जेटली द्वारा खारिज 
तिलक 
15 दिसं15 नदि 
दावों और प्रति दावों के बीच सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक अधिकारी के कार्यालय पर छापा मारा, जिसके बाद आप प्रमुख ने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘‘कायर और मनोरोगी’’ कहा। इसके साथ ही आप और केंद्र के बीच पहले से जारी टकराव और गहरा गया। जबकि मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके कार्यालय पर छापा मारा गया किन्तु सीबीआई के साथ साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में इस दावे को नकार दिया। विपक्ष ने राज्यसभा में हंगामा किया और जिसके कारण सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि तीसरी मंजिल पर तलाशी केवल प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय में ली गई। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 14 स्थानों पर छापे मारे गए।     कुमार और छह अन्य के विरुद्ध मामला अंकित किया गया है। जेटली ने राज्यसभा में कहा कि केजरीवाल के कार्यालय पर छापा नहीं मारा गया और यह छापा दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के विरुद्ध कथित भ्रष्टाचार के मामले में मारा गया। ‘‘दिल्ली सरकार के विभागों से निविदाएं दिलाने में गत कुछ वर्षों में एक विशेष फर्म की सहायता करके’’ अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग करने के आरोपों में मामला अंकित किया गया है। जेटली ने कहा कि सीबीआई के छापे का केजरीवाल के कार्यालय से कोई लेना देना नहीं है और अधिकारी के विरुद्ध रिश्वतखोरी का मामला उनके अतीत से जुड़ा है। 
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ''सीबीआई ने मेरे कार्यालय पर छापे मारे।’’ उन्होंने छापेमारी पर रोष जताते हुए एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘जब मोदी राजनीतिक रूप से मुझसे नहीं निपट सके तो उन्होंने यह कायरता दिखाई। मोदी कायर और मनोरोगी हैं।’’ केजरीवाल ने मोदी की आलोचना करने के लिए जिस भाषा का प्रयोग किया, उसकी भाजपा ने निंदा की और कहा कि यह ''पूर्णतय: अस्वीकार्य’’ है।’’ जावड़ेकर ने कहा, ''क्या वह भ्रष्ट को बचाना चाहते हैं?’’ उन्होंने कहा, ''भ्रष्ट के विरुद्ध कार्रवाई न करके उल्टा वह प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’’ 
अब प्रश्न यह है कि यदि अतीत में रिश्वतखोरी से जुड़ा अधिकारी उनके प्रधान सचिव नियुक्त है, तो क्या वह कानून से ऊपर है? उसपर कार्यवाही को अपने विरुद्ध बता कर विरोध करना, क्या भ्रष्टाचार का संरक्षण नहीं है? क्या वो मु मं कार्यालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाना कहते है? 
बेताल ने कहा, "राजन नौटंकीवाल, यदि इन प्रश्नों का उत्तर तुमने जानबूझ कर, जनता को भ्रमित करने के लिए गलत दिया" तो तुम्हारा जनसमर्थन तुम्हारी सत्ता से अलग होकर, टुकड़े टुकड़े हो जायेगा। इस प्रकार नौटंकी के मोह में उलझे नौटंकी वाल का सारा जनसमर्थन, नौटंकी के शव के साथ अदृश्य हो गया।